प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद पंप के घर पर चला बुलडोजर बगैर नक्शा पास कराए मकान बनाने का आरोप-Video

Bulldozer at the house of Prayagraj violence mastermind Javed Pump accused of building a house without passing the map

Prayagraj Violence: पुलिस ने प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद हुए पथराव के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ जावेद पंप सहित 68 लोगों को हिरासत में ले चुकी है और पूछताछ की जा रही है.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा के आरोपी जावेद अहमद (Javed Ahmed) के घर को तोड़ने का काम शुरू हो गया है. प्रशासन की टीम अवैध तरीके से बने घर को बुलडोजर की मदद से गिरा रही है. इससे पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने घर को गिराने का नोटिस लगाया था. इस नोटिस में कहा गया था कि सुबह 11 बजे तक घर खाली कर दिया जाए. इसमें आगे लिखा था कि दो मंजिला मकान अवैध तरीके से बनाया गया है और इसका नक्शा, प्राधिकरण से पास नहीं कराया गया है.

प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के कथित मास्टर माइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण से बगैर नक्शा पास कराए मकान बनाने का आरोप है. पीडीए ने इस बाबत शनिवार शाम नोटिस चस्पा किया था, जिसमें ध्वस्तीकरण के लिए करेली के जेके

गौरतलब है कि प्रयागराज स्थित करेली में जेके आशियाना कॉलोनी में जावेद अहमद का आलीशान मकान है. पुलिस ने शुक्रवार को शहर में हुए पथराव के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ जावेद पंप सहित 68 लोगों को हिरासत में ले चुकी है और पूछताछ की जा रही है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया था कि जावेद अहमद को पुलिस हिरासत में लिया गया है, और उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी.

5000 से भी ज्यादा अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ है मुकदमा

उन्होंने बताया था कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है और थाना खुल्दाबाद और थाना करेली में 70 नामजद अभियुक्तों और 5000 से भी ज्यादा अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ 29 गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक वीडियो फुटेज के आधार पर इन शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है, कई लोगों को मौके पर हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों को भी पकड़ा गया. इस प्रकार अभी तक 68 लोगों पुलिस हिरासत में लिया गया है.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को नमाज के बाद भड़की हिंसा मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप के घर पर रविवार दोपहर बुलडोजर चलाया गया. इस दौरान वहां भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा. वहां से पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते पोस्टर बैनर भी हटाए.

दरअसल प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने करेली के जेके आशियाना कॉलोनी में स्थित 1500 वर्गफीट में बने  जावेद के दो मंजिला आलीशान मकान पर नोटिस चस्पा करके रविवार 11 बजे तक इस इमारत को खाली करने को कहा था. जावेद पर पीडीए से बगैर नक्शा पास कराए मकान बनाने का आरोप है. प्राधिकरण ने 10 मई को इस संबंध में नोटिस जारी किया था, जिसके बाद 24 मई तक अभिलेख प्रस्तुत न करने पर ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ.

पीडीए के संयुक्त सचिव और जोनल अधिकारी की ओर से 25 मई को ध्वस्तीकरणकरण आदेश जारी किया गया है. इसके मुताबिक, 12 जून को सुबह 11:00 बजे तक घर खाली करने का समय दिया गया था. इसके बाद रविवार सुबह 11:00 बजे के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई.

5000 से भी ज्यादा अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ है मुकदमा

उन्होंने बताया था कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है और थाना खुल्दाबाद और थाना करेली में 70 नामजद अभियुक्तों और 5000 से भी ज्यादा अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ 29 गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक वीडियो फुटेज के आधार पर इन शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है, कई लोगों को मौके पर हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों को भी पकड़ा गया. इस प्रकार अभी तक 68 लोगों पुलिस हिरासत में लिया गया है.

64 उपद्रवी भेजे गए नैनी जेल

इस बीच यहां जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा और बवाल के मामले में गिरफ्तार किए गए 68 उपद्रवियों को प्रयागराज पुलिस ने शनिवार शाम जिला कोर्ट में पेश किया, ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद इनमें से 64 उपद्रवियों को उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया है, जबकि चार नाबालिग उपद्रवियों को कोर्ट ने बाल संप्रेक्षण गृह खुल्दाबाद भेजने का आदेश दिया है.

एसएसपी अजय कुमार के मुताबिक पुलिस ने पुख्ता लिखा पढ़ी करके सबूतों के साथ उपद्रवियों को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद कोर्ट ने किसी भी उपद्रवी की जमानत मंजूर नहीं की और अपराध की गंभीरता को देखते हुए ही उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया है. एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि पुलिस अभी भी वीडियो और फुटेज के आधार पर आरोपियों के खिलाफ उपद्रवियों को चिन्हित करने की कोशिश कर रही है, ताकि उनके ऊपर प्रभावी कार्यवाही की जा सके.

You may also like...